गंगा दशमी व पर्यावरण दिवस पर "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" का प्रभात फेरी,कलश यात्रा,जल पूजन से हुआ भव्य आगाज

गंगा दशमी व पर्यावरण दिवस पर "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" का प्रभात फेरी,कलश यात्रा,जल पूजन से हुआ भव्य आगाज

फलौदी में पर्यावरण प्रेम सदियों से रहा, इसी भावना से हमें अधिकाधिक पौधारोपण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग व जल संग्रहण के कार्य करने हैं - प्रभारी सचिव

जेके राजस्थान न्यूज | फलोदी :  गंगा दशमी व पर्यावरण दिवस पर गुरुवार को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" का भव्य आगाज जिले में हुआ। इस दौरान मां लटियाल माता मंदिर के पास से प्रभात फेरी व कलश यात्रा को जिला कलक्टर एच.एल अटल ने हरी झंड़ी दिखाते हुए शिवसर तालाब तक साथ चले। 
शिवसर तालाब पर प्रभारी सचिव अम्बरीश कुमार व जिला कलक्टर एच.एल अटल ने जनप्रतिनिधियों व आमजन के साथ जल पूजन, पीपल पूजन करते हुए विधिवत अभियान की शुरुआत की। इस दौरान एक हजार से अधिक लोग जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस दौरान प्रभारी सचिव ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत संकल्प है। फलोदी में पर्यावरण प्रेम सदियों से रहा हैं हमें इसी भावना के साथ पौधारोपण ,जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संग्रहण को प्रोत्साहन, पारंपरिक जल स्त्रोतों के पुनर्जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्य में अभिनव पहल करनी हैं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजीविका की महिलाओं को मोबाईल फोन वितरित किए गए। 
जिला कलक्टर ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हमारे लिए स्वर्णिम हैं। गंगा दशमी व पर्यावरण दिवस पर खीचन को अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड्स की सूची रामसर साइट में शामिल किया गया हैं। प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों व आमजन के सहयोग से कुरंजा संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का फल आज जिले को मिला हैं।  

उन्होंने कहा कि "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत आज से 20 जून तक पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण की विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा। इस दौरान 2964 जल संरचनाओं के पूर्ण होने पर उनका लोकार्पण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल सृष्टि का मूल तत्व हैं। जल संरक्षण के लिए हम सब स्वयं सेवी संस्थाओं व संगठनों के सहयोग से भू-जल संरचनाओं का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान गिरते जल स्तर को रोकने में मददगार होगा। साथ ही गांवों में पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान भी प्रदान करेगा। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी व्यक्ति कंधे से कंधा मिलाकर जल संरक्षण व पौधारोपण में अतुल्य योगदान दे।
गत वर्ष जिले में 13 लाख से अधिक पौधारोपण जिले में किया गया था। इस वर्ष हम सब मिलकर पिछले लक्ष्य से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देंगे। इस दौरान पूर्व सांसद नारायण पंचारिया,अतिरिक्त जिला कलक्टर अजय, एसीईओ गौतम चौधरी,उपखंड अधिकारी सुनील पंवार सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।

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